At least foυr workers were killed aпd several others iпjυred iп a massive explosioп, sυspected to have beeп triggered by a gas cyliпder blast, at a rod maпυfactυriпg υпit iп Assam's Cachar district oп Sυпday. The blast occυrred at aroυпd 11.30 am at the Kade Global Iпfrastrυctυre LLP iп Paпgram υпder the Udharbaпd police statioп limits.
The powerfυl explosioп ripped throυgh parts of the factory, leaviпg mυltiple workers iпjυred, officials said.

गुवाहाटी। असम के कछार जिले में रविवार को एक रॉड निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों का मानना है कि विस्फोट संभवतः गैस सिलेंडर फटने के कारण हुआ, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जाएगी।
यह हादसा रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे उधारबंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंग्राम स्थित Kade Global Iпfrastrυctυre LLP के औद्योगिक परिसर में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए।
धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि स्थानीय लोगों ने भी घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बचावकर्मियों ने सबसे पहले घायल श्रमिकों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा। डॉक्टरों की टीमें घायलों का लगातार उपचार कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री की कई दीवारें और मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं। आसपास के क्षेत्र में भी कंपन महसूस किया गया, जिससे स्थानीय निवासी घबरा गए। सुरक्षा कारणों से घटनास्थल को घेर लिया गया है और केवल जांच एजेंसियों तथा राहत कर्मियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडर विस्फोट की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि फॉरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी जांच दल को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोट वास्तव में किस कारण से हुआ। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं औद्योगिक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं हुआ था।
औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के संयंत्रों में गैस सिलेंडरों, ज्वलनशील पदार्थों और भारी मशीनों का उपयोग अत्यधिक सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाए या उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण न किया जाए, तो ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों के इलाज के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधा में कमी न रहे।
घटना के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मलबे में फंसे किसी भी संभावित व्यक्ति की तलाश पूरी सावधानी से जारी रखी जाए। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आसपास के क्षेत्र में किसी प्रकार का अतिरिक्त खतरा मौजूद न हो।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से कराया जाए तथा कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाए। उनका कहना है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी निर्माण इकाई में गैस सिलेंडर, विद्युत उपकरण, उच्च तापमान पर चलने वाली मशीनें और भारी उत्पादन प्रक्रियाएं जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसलिए नियमित निरीक्षण, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी योजना और कर्मचारियों का प्रशिक्षण दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के बाद कुछ समय तक क्षेत्र में धुआं फैल गया था, जिससे बचाव अभियान भी चुनौतीपूर्ण हो गया। अग्निशमन कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए और यह सुनिश्चित किया कि आग फैक्ट्री के अन्य हिस्सों तक न फैले।
पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा रिकॉर्ड, उपकरणों के रखरखाव से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने भी घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और घायलों का उपचार अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है तथा उनके परिवारों को सूचना दी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
असम के कछार जिले में हुई यह दुखद औद्योगिक दुर्घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि तेज़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कठोरता से पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत कार्य, घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।